ऑनलाईन कारोबार को न्यूनतम कीमतों पर उपलब्ध कराना लक्ष्य- रिकी कौशल, संस्थापक, मैजिकसॉक

-मैजिकसॉक के माध्यम से करें अपनी सभी समस्याओं का समाधान, एक ही प्लेटफॉर्म पर सभी सुविधाओं का लाभ उठाएं नईदिल्ली-

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नई जीएसटी रिटर्न भरने की प्रणाली एक स्वागत कदम -इंटेग्रेटेड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री

नई दिल्ली- जीएसटी परिषद द्वारा अनुमोदित सरलीकृत टैक्स रिटर्न फाइलिंग प्रक्रिया का उद्योग जगत स्वागत करता है, लेकिन इसे उद्योग

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‘लैब टू फार्मः ब्रिजिंग दि गैप’ सेमिनार में किसानों के उत्थान की चर्चा

रेव ग्रीन प्लस प्रा. लि. और अखिल भारतीय किसान महासंघ (आईफा) तथा अन्य संगठनों (मां दंतेश्वरी हर्बल समूह, चैम्फ, संपदा,

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कैट ने केंद्र सरकार से सीलिंग पर मोरेटोरियम का बिल संसद में लाने की मांग की

केंद्र सरकार द्वारा मास्टर प्लान में लाये जा रहे प्रस्तावित संशोधनों पर आज सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्टे दिए जाने को कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स(कैट) ने बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा की इससे सीलिंग से राहत मिलने का रास्ता और कठिन हो गया है और सीलिंग की तलवार अब बुरी तरह सेदिल्ली के व्यापारियों पर लटक गयी है ! कोर्ट द्वारा स्टे देने से यह मामला और पेचीदा हो गया है !  कैट के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा की अब जब कोई और रास्ता नहीं बचा है ऐसे में केंद्र सरकार को बिना कोई देर किये संसद के चालू सत्रमें ही दिल्ली में सीलिंग पर रोक लगाने के लिए एक बिल लाकर पारित कराना चाहिए ! सरकार को सीलिंग के भविष्य के दुष्परिणाम जिनमें मुख्य रूप सेदिल्ली के व्यापार और अर्थव्यवस्था का अव्यवस्थित होना है, को ध्यान में रख कर तुरंत आवश्यक कदम उठाने होंगे ! उन्होंने कहा की इसी बीच केंद्रसरकार एक विशेष कार्य समूह गठित करे जो कोर्ट द्वारा पर्यावरण आदि के बारे में सवाल उठाये गएँ हैं उनका बारीकी से अध्यन करे ! श्री खंडेलवाल ने यह भी कहा की दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविन्द केजरीवाल चुपचाप न बैठें और दिल्ली विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाकरसीलिंग पर रोक लगाने का विधेयक पारित कर केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए भेजें उन्होंने यह भी कहा की न्यायालयने डीडीए और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल उठाये हैं  ! कैट ने पहले ही कहा है की पहले मास्टर प्लान1962 से लेकर अब तक के मास्टर प्लान तक डीडीए और नगर निगम दोनों ही उनको पूरा करने में विफल रहे हैं और उनके फेल होने का खामियाजादिल्ली के व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है ! इन दोनों निकायों का निजीकरण करना ही उचित होगा श्री खंडेलवाल ने बताया की इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए कैट का एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही केंद्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह, शहरी विकास मंत्रीश्री हरदीप पूरी, दिल्ली के उपराज्यपाल श्री अनिल बैजल और दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविन्द केजरीवाल से मिल कर अपनी मांगों पर दबाव बनाएगा इसी बीच आज हुए घटनाक्रम को देखते हुए कैट ने 8 मार्च को आधी रात तक दिल्ली की दुकाने खोलने के आव्हान को स्थगित करते हुए 8 मार्च को हीदिल्ली के प्रमुख व्यापारी संगठनों के नेताओ की एक मीटिंग बुलाई है

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मारुति सुजुकी आॅटोप्रिक्स 2017 (सीज़न 1) के पहले चैम्पियन की घोषणा का बड़ा जश्न

ग्रेटर नोएडा के बुद्धा इंटरनेशनल सर्किट में मारुति सुजुकी आॅटोप्रिक्स 2017 (सीज़न 1) का शानदार समापन हुआ। इसमें जीत का

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राजनैतिक दलों एवं सांसदों के बंगले सीलिंग से अछूते क्यों

कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आज कहा की यह एक सर्वविदित तथ्य है की लुटियन जोन और नई दिल्ली सहित अन्य क्षेत्रों मेंराजनैतिक दलों और सांसदों के बंगलो में बड़ी मात्रा में अवैध निर्माण हुआ है जो भवन निर्माण के नियमों एवं मास्टर प्लान 2021 के प्रावधानों के विरुद्ध हैऔर अभी तक ऐसे किसी भी बंगले पर कोई कार्यवाई नहीं हुई जबकि लगातार दिल्ली के व्यापारियों को सीलिंग का निशाना बनाया जा रहा है ! मास्टरप्लान में लुटियन जोन में यथास्तिथि रखने का प्रावधान है जबकि इसका उल्लंघन करते हुए ठीक सरकार की नाक के नीचे गत वर्षों में इन बंगलो मेंलगातार अवैध निर्माण हुए है ! कैट ने ऐसे सभी बंगलों का सर्वे कर कार्यवाई करने की मांग की कैट के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने आरोप लगाते हुए कहा की नगर निगम और एनडीएमसी द्वारा दिल्ली में सीलिंग बेहद भेदभाव एवंमनमाने तरीके से हो रही है और नगर निगम एवं एनडीएमसी का ध्यान इस ओर कतई भी नहीं गया है जबकि व्यापारियों को सीलिंग से बक्शा नहीं जारहा !कैट ने मॉनिटरिंग कमेटी से मांग करते हुए कहा की इन सभी बंगलो का सर्वे कराया जाए ओर जिन बंगलो में भी अवैध निर्माण हुआ है उनको तुरंत सीलकर उनके खिलाफ कार्यवाई की जाए श्री खंडेलवाल ने यह भी कहा की दिल्ली की विभिन्न अदालतों में भी बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण हुए हैं उनको भी देखा जाना चाहिए ! उदहारण के तौरपर उन्होंने कहा की सर्वोच्च न्यायालय में ठीक मुख्य न्यायाधीश की कोर्ट के नीचे बने बेसमेंट में एक रेस्टॉरेंट चल रहा है जिसमें लगातार गैस सिलिंडरउपयोग में लाये जाते हैं ओर कभी भी किसी दुर्घटना में उसके परिणाम भयंकर हो सकते है जबकि दूसरी ओर इसी न्यायालय के परिसर के कॉरिडोर मेंफ़ोटोस्टेट ओर टाइपिंग का काम धड्ड्ले से हो रहा है ओर कोई देखने वाला नहीं है ! क्या मॉनिटरिंग कमेटी अथवा एनडीएमसी इनके खिलाफ कार्यवाईकरेगी !

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सीलिंग के मामले में कानूनी प्रक्रिया को बहाल किया जाए

कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आज दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविन्द केजरीवाल से मांग की है की सीलिंग के मामले मेंलोकतान्त्रिक कानूनी प्रक्रिया को बहाल करने के लिए दिल्ली सरकार या तो अध्यादेश लाये या विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाकर बिल पारितकर सीलिंग पर रोक लगाए ! श्री केजरीवाल को भेजे आज एक पत्र नीम कैट ने कहा है की दिल्ली में सीलिंग के मामले में स्थापित कानूनी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक अधिकारों काखुला उल्लंघन हो रहा है और व्यापारी उत्पीड़ित हो रहे हैं ! दिल्ली नगर निगम कानून, 1957 में उल्लेखित कानूनी प्रक्रिया का कतई पालन नहीं होरहा है और व्यापारियों को उनके मूल अधिकारों से वंचित किया जा रहा है, ऐसे में अब इस मामले में दिल्ली सरकार का सीधा दखल आवश्यक होगया है जिसके चलते या तो दिल्ली सरकार अध्यादेश लाये अथवा विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाकर बिल पार्टी करते हुए सीलिंग पर रोकलगाए और कानून प्रक्रिया को बहाल करे ! कैट ने यह भी कहा की 351 सड़कों को कमर्शियल अथवा मिक्स्ड लैंड यूज़ अधिसूचित करने के लिए भी दिल्ली सरकार आवश्यक कार्यवाई करे औरइससे सम्बंधित प्रक्रिया को पूरा करे जिससे इन सड़कों पर काम करने वाले लाखों व्यापारियों को राहत मिले ! कैट के कहा की दिल्ली में सीलिंग के कारण से दिल्ली की अर्थव्यवस्था और दिल्ली के व्यापार को बेहद हानि पहुँच रही है ! न केवल व्यापारी बल्किउन पर आश्रित लाखों कर्मचारी भी बुरी तरह प्रभावित होंगे और उनकी आजीविका पर बड़ा संकट खड़ा होगा ! ऐसे में दिल्ली सरकार का इस मामलेमें दखल देना तुरंत वाजिब है ! कैट ने कहा की नगर निगम कानून में उल्लेखित मूल लोकतान्त्रिक प्रावधानों जिसमें आयुक्त द्वारा म्युनिसिपल मजिस्ट्रेट को शिकायत करना,कारण बताओ नोटिस देना, अपने बचाव का पक्ष रखना, अपील ट्रिब्यूनल और उसके बाद दिल्ली के प्रशासक को अपील दायर करना शम्मिल है, सेदिल्ली के व्यापारियों को खुले तौर पर वंचित किया जा रहा है जो न्याय के प्राकतिक सिद्धांत के भी विरूद्ध है ! कैट ने यह भी कहा की न्यायालय ने मॉनिटरिंग कमेटी को केवल रिहायशी इलाकों में कमर्शियल गतिविधियॉं देखने के लिए ही अधिकृत किया थालेकिन मॉनिटरिंग कमेटी ने अपनी अधिकार सीमा का अतिक्रमण करते हुए दिली में हर जगह सीलिंग के आदेश दिए जा रहे हैं को कोर्ट के आदेश केविपरीत है ! इन सब स्तिथियों को देखते हुए दिल्ली सरकार को हरकत में आना चाहिए और दिल्ली के व्यापार को बचाने के लिए अध्यादेश या बिललाना बेहद जरूरी है  उधर दूसरी ओर वेलेंटाइन दिवस के मौके पर दिल्ली के व्यापारी कल निगम मुख्यालय सिविक सेंटर पर महापौर एवं अधिकारीयों को गुलाब देकर”माई वेलेंटाइन-माई शॉप ” का उद्घोष करेंगे !

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सीलिंग के लिए नगर निगम की असफलता ही सीलिंग के लिए जिम्मेदार

कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आज कहा की दिल्ली नगर निगम, दिल्ली सरकार, डीडीए एवं अन्य निकायों के अधिकारीयों की लापरवाही,कर्तव्यविमूढ़ता और समय पर जिम्मेदारी पूरी न करने के कारण से ही दिल्ली में सीलिंग हो रही है और व्यापारियों को बलि का बकरा बनाते हुए सीलिंग का निशानाबनाया जा रहा है ! सम्बंधित अधिकारीयों के खिलाफ आज तक कोई कार्यवाई नहीं की गयी है ! यह सरासर अन्याय है ! कैट के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा की एक तरफ तो नगर निगम ने निगम कानून 1957 के मूल प्रावधानों को लेकर सर्वोच्च न्यायलय को अँधेरे मेंरखा है वहीँ दूसरी ओर मास्टर प्लान 2021 में नगर निगम पर जो जिम्मेदारियां दी थी उनको निभाने में नगर निगम बुरी तरह असफल रहा है ! यहाँ तक की उसदिशा में 10 वर्ष बीत जाने के बाद भी एक कदम तक नहीं उठाया गया है ! श्री खंडेलवाल ने बताया की मास्टर प्लान 2021 के विभिन्न प्रावधानों के अंतर्गत जहाँ स्पेशल एरिया के री-डेवलपमेंट प्लान बनाना था वहीँ मास्टर प्लान के  क्लॉज़2 .3 के अंतर्गत हाईवे कॉरिडोर को चिन्हित करना, 5 . 4  के अनुसार डिस्ट्रिक्ट केंद्र, 5 . 5 में कमर्शियल सेंटर, 5 .7 .2 में लोकल लेवल कमर्शियल एरिया , 5 .9 मेंसर्विस मार्किट,  5 .10 संगठित इनफॉर्मल मार्किट प्लेस, 5

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कृषि व किसानों के लिए निराशाजनक है बजट-डॉ राजाराम त्रिपाठी

अखिल भारतीय किसान संघ (आईफा)* के राष्ट्रीय संयोजक डॉ राजाराम त्रिपाठी ने गुरुवार को बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए

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