कैट ने केंद्र सरकार से सीलिंग पर मोरेटोरियम का बिल संसद में लाने की मांग की

केंद्र सरकार द्वारा मास्टर प्लान में लाये जा रहे प्रस्तावित संशोधनों पर आज सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्टे दिए जाने को कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स(कैट) ने बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा की इससे सीलिंग से राहत मिलने का रास्ता और कठिन हो गया है और सीलिंग की तलवार अब बुरी तरह सेदिल्ली के व्यापारियों पर लटक गयी है ! कोर्ट द्वारा स्टे देने से यह मामला और पेचीदा हो गया है !

 कैट के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा की अब जब कोई और रास्ता नहीं बचा है ऐसे में केंद्र सरकार को बिना कोई देर किये संसद के चालू सत्रमें ही दिल्ली में सीलिंग पर रोक लगाने के लिए एक बिल लाकर पारित कराना चाहिए ! सरकार को सीलिंग के भविष्य के दुष्परिणाम जिनमें मुख्य रूप सेदिल्ली के व्यापार और अर्थव्यवस्था का अव्यवस्थित होना है, को ध्यान में रख कर तुरंत आवश्यक कदम उठाने होंगे ! उन्होंने कहा की इसी बीच केंद्रसरकार एक विशेष कार्य समूह गठित करे जो कोर्ट द्वारा पर्यावरण आदि के बारे में सवाल उठाये गएँ हैं उनका बारीकी से अध्यन करे !

श्री खंडेलवाल ने यह भी कहा की दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविन्द केजरीवाल चुपचाप न बैठें और दिल्ली विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाकरसीलिंग पर रोक लगाने का विधेयक पारित कर केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए भेजें उन्होंने यह भी कहा की न्यायालयने डीडीए और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल उठाये हैं  ! कैट ने पहले ही कहा है की पहले मास्टर प्लान1962 से लेकर अब तक के मास्टर प्लान तक डीडीए और नगर निगम दोनों ही उनको पूरा करने में विफल रहे हैं और उनके फेल होने का खामियाजादिल्ली के व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है ! इन दोनों निकायों का निजीकरण करना ही उचित होगा श्री खंडेलवाल ने बताया की इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए कैट का एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही केंद्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह, शहरी विकास मंत्रीश्री हरदीप पूरी, दिल्ली के उपराज्यपाल श्री अनिल बैजल और दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविन्द केजरीवाल से मिल कर अपनी मांगों पर दबाव बनाएगा इसी बीच आज हुए घटनाक्रम को देखते हुए कैट ने 8 मार्च को आधी रात तक दिल्ली की दुकाने खोलने के आव्हान को स्थगित करते हुए 8 मार्च को हीदिल्ली के प्रमुख व्यापारी संगठनों के नेताओ की एक मीटिंग बुलाई है जिसमे भविष्य की रणनीति तय होगी !

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